इस खुले ख़त को पढ़कर, हर UPSC की तैयारी में जूटे छात्र को ये सोचा पड़ेगा की…

Loading...

एक अख़बार के मुताबिक अब UPSC की परीक्षा के नियमों में कुछ बदलाव किये जाने वाले हैं, जिसमें परीक्षा देने की अधिकतम उम्र 32 साल से घटाकर 26 साल किया जायेगा, और ये बदलाव सिर्फ सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए ही होगा l इसके पीछे वजह बताई गयी है कि इसका मकसद है कि UPSC में नौजवान ज्यादा से ज्यादा आ सके l इस खबर ने जैसे ही सोशल मीडिया का रास्ता पकड़ा तो ढेरों पोस्ट और कमेन्ट आने लगे l यहाँ तक कि सोशल मीडिया पर इसके विरोध में एक खुला पत्र भी आया है, जिसमें सामान्य वर्ग के छात्रों की समस्याओं को एक अलग अंदाज में लिखा गया है, जो इस नये नियम पर एक तंज है, आप भी पढ़िए ये पत्र…

loading...
Source

“मेरे प्यारे दोस्तों,
आशा करता हूँ की आपको अधिकतम उम्र वाली बात पता चल गई होगी l अब आप 26 साल की उम्र में बूढ़े होने वाले हैं l मतलब आप जवान कब हुए आपको खुद नही पता चलेगा l आपको शिलाजीत और मूसली के सेवन की आदत भी डाल लेनी चाहिए, चूँकि आप 26 की उम्र में ही बूढ़े होने को चले हैं l मैं जानता हूँ, मुझे भी कुछ दिन बाद वहीँ मुखर्जी नगर में झोला लटकाये और अपना मुँह लटकाये 6 घंटे की कोचिंग के बाद वापस कमरे पर आना है, खाना बनाना है, खाना है, और पढ़ाई करनी है और फिर कुछ आरक्षण पाने वाले लोगों के ताने सुनने हैं…मतलब जैसा आप सब करते आ रहे हैं मुझे भी वही करना है l हम आवाज नहीं उठा सकते, हम सामान्य वर्ग के हैं न, हमारी सुनेगा कौन? फिर अगर हम अपनी बात कहने भी लगे तो हर एक चीज़ का एक कॉमन सा आंसर है, “2000 सालों तक शोषण वाला” l हमारा कोई प्रतिनिधित्व भी तो नहीं करेगा, जैसे उनके लिए अम्बेडकर साहेब जी ने किया l ना ही सामान्य वर्ग का कोई नेता आरक्षण के खिलाफ बोलेगा, क्योंकि वोट चईये न, चईये की नहीं चईये? चईये चईये… खैर छोड़िये l अम्मा बाबू जी को 80% भरोसा दिला दीजिये कि खेत खलिहान न बेचें, कुछ दिन में यूपीएससी वाले बाबा हम लोगों को कहीं का नहीं छोड़ेंगे l यहाँ से भागे तो सीधा गाँव ही पहुंचेंगे तो खेती का विकल्प खुला रहे तो अच्छा l हाँ प्रण कर लीजिएगा कि आत्महत्या नहीं करेंगे, क्योंकि हम आप की मौत का मीडिया, टेलीकास्ट नहीं करती l हमको आपको लाइमलाइट न मिलेगी l खामखाँ अम्मा बाबूजी टेन्सनिया जाएंगे…

अगले पेज पर जारी है पूरा खुला ख़त…

Loading...
loading...

You might also like More from author